लेखपाल द्वारा संपादित प्रमुख कार्य

लेखपाल द्वारा संपादित प्रमुख कार्य

लेखपाल ग्रामीण प्रशासन की आधारशिला है, जो राजस्व प्रबंधन, भूमि अभिलेखों के संरक्षण, जनकल्याणकारी योजनाओं के क्रियान्वयन तथा शासन और जनता के मध्य प्रभावी समन्वय स्थापित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

लेखपाल केवल भूमि अभिलेखों का संरक्षक ही नहीं, बल्कि ग्राम स्तर पर शासन, प्रशासन, कानून व्यवस्था एवं जनकल्याणकारी गतिविधियों के प्रभावी संचालन का एक महत्वपूर्ण स्तंभ है।

सामान्य प्रशासन एवं कानून व्यवस्था से संबंधित लेखपाल के प्रमुख कार्य

राजस्व एवं भूमि अभिलेख संबंधी दायित्वों के अतिरिक्त लेखपाल सामान्य प्रशासन, कानून व्यवस्था तथा शासन की विभिन्न प्रशासनिक गतिविधियों में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। ग्राम स्तर पर प्रशासन को तथ्यात्मक सूचनाएं उपलब्ध कराने तथा विभिन्न सरकारी कार्यक्रमों के सफल संचालन में लेखपाल की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है।

सामान्य प्रशासन संबंधी कार्य

  • उप जिलाधिकारी, तहसीलदार एवं अन्य राजस्व अधिकारियों को आवश्यक सूचनाएं एवं रिपोर्ट उपलब्ध कराना।
  • शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा संचालित विशेष अभियानों के क्रियान्वयन में सहयोग प्रदान करना।
  • सम्पूर्ण समाधान दिवस, तहसील दिवस एवं जनसुनवाई से संबंधित प्रकरणों में स्थलीय जांच एवं आख्या प्रस्तुत करना।
  • मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, IGRS एवं अन्य शिकायत निवारण प्रणालियों से प्राप्त शिकायतों का परीक्षण एवं निस्तारण आख्या तैयार करना।
  • विभिन्न विभागों द्वारा मांगी गई तथ्यात्मक रिपोर्ट एवं सूचनाओं का संकलन।
  • वीआईपी भ्रमण, जनप्रतिनिधियों के दौरे एवं विशेष आयोजनों में प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना।
  • जनगणना, सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण, परिवार सर्वेक्षण एवं अन्य सरकारी सर्वेक्षण कार्यों का निष्पादन।
  • राष्ट्रीय पर्वों, सरकारी कार्यक्रमों एवं विशेष आयोजनों के संचालन में सहयोग।
  • ग्राम स्तर पर शासन की योजनाओं एवं कार्यक्रमों के संबंध में जन-जागरूकता गतिविधियों में सहभागिता।
  • विभिन्न प्रमाण-पत्रों एवं सरकारी योजनाओं हेतु पात्र व्यक्तियों का स्थलीय सत्यापन।
  • आपदा, महामारी एवं आपातकालीन परिस्थितियों में राहत एवं बचाव कार्यों में सहयोग।
  • ग्राम स्तर पर सरकारी संपत्तियों, सार्वजनिक भूमि एवं सामुदायिक परिसंपत्तियों की स्थिति संबंधी रिपोर्ट तैयार करना।
  • विभिन्न न्यायालयों एवं विभागों द्वारा संदर्भित मामलों में आवश्यक तथ्य एवं अभिलेख उपलब्ध कराना।

 

कानून एवं व्यवस्था संबंधी कार्य

  • ग्राम स्तर पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रशासन को नियमित सूचनाएं उपलब्ध कराना।
  • संवेदनशील एवं विवादित स्थलों की निगरानी कर समय-समय पर रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
  • भूमि विवाद, रास्ता विवाद, चकमार्ग विवाद एवं अन्य स्थानीय विवादों की सूचना प्रशासन को देना।
  • संभावित तनाव, सामाजिक विवाद एवं साम्प्रदायिक संवेदनशीलता से संबंधित तथ्यों से प्रशासन को अवगत कराना।
  • त्यौहारों, मेलों, धार्मिक आयोजनों एवं विशेष अवसरों पर कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करना।
  • धारा 107/116, 133, 144 तथा अन्य निवारक कार्यवाहियों से संबंधित प्रकरणों में तथ्यात्मक आख्या प्रस्तुत करना।
  • मजिस्ट्रेटी जांच एवं प्रशासनिक जांचों में आवश्यक सहयोग प्रदान करना।
  • अवैध कब्जों, अतिक्रमणों एवं सरकारी भूमि पर अनधिकृत गतिविधियों की सूचना देना।
  • निषेधाज्ञा, न्यायालयीय आदेशों एवं प्रशासनिक निर्देशों के अनुपालन में सहयोग करना।
  • चुनावों के दौरान संवेदनशील क्षेत्रों की जानकारी उपलब्ध कराना तथा निर्वाचन अधिकारियों को सहयोग प्रदान करना।
  • अपराध अथवा कानून व्यवस्था को प्रभावित करने वाली घटनाओं की प्रारंभिक तथ्यात्मक जानकारी प्रशासन को उपलब्ध कराना।
  • पुलिस एवं राजस्व प्रशासन के संयुक्त अभियानों में आवश्यक सहयोग प्रदान करना।
  • ग्राम स्तर पर शांति समिति एवं अन्य प्रशासनिक बैठकों के लिए आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराना।
  • अवैध खनन, अवैध कब्जा, सरकारी भूमि के दुरुपयोग तथा राजस्व हानि से संबंधित मामलों की रिपोर्ट करना।
  • प्राकृतिक आपदा, महामारी, दुर्घटना अथवा अन्य आपात स्थितियों में स्थानीय प्रशासन को त्वरित सूचनाएं उपलब्ध कराना।
  • ग्रामीण क्षेत्रों में शासन के आदेशों एवं प्रशासनिक निर्देशों के प्रभावी अनुपालन में सहयोग करना।

उत्तर प्रदेश राजस्व विभाग में कार्यरत लेखपाल ग्राम स्तर पर शासन, प्रशासन एवं जनता के मध्य एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करता है। लेखपाल द्वारा निम्नलिखित प्रमुख कार्य संपादित किए जाते हैं—

1. राजस्व एवं भूमि अभिलेख संबंधी कार्य

  • खतौनी, खसरा एवं अन्य भू-अभिलेखों का संधारण एवं अद्यतन।
  • नामांतरण (दाखिल-खारिज) प्रकरणों में आख्या एवं सत्यापन।
  • विरासत (उत्तराधिकार) संबंधी प्रकरणों का परीक्षण।
  • भूमि विभाजन एवं सीमांकन कार्यों में सहयोग।
  • कृषि एवं अकृषि भूमि का विवरण संधारित करना।
  • भूमि उपयोग परिवर्तन से संबंधित सूचनाओं का संकलन।
  • सरकारी, ग्राम समाज एवं सार्वजनिक भूमि का अभिलेखीकरण एवं संरक्षण।

2. पैमाइश एवं सर्वेक्षण कार्य

  • भूमि की पैमाइश एवं सीमांकन कार्य में सहयोग।
  • रोवर (GNSS), ड्रोन एवं अन्य आधुनिक तकनीकों द्वारा भू-सर्वेक्षण।
  • भूमि विवादों के निस्तारण हेतु स्थलीय निरीक्षण एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करना।
  • नक्शों एवं भू-अभिलेखों का सत्यापन।

3. राजस्व वसूली संबंधी कार्य

  • भूमि राजस्व एवं अन्य देयों की वसूली में सहयोग।
  • राजस्व बकायेदारों का विवरण तैयार करना।
  • राजस्व वसूली अभियानों में सक्रिय सहभागिता।

4. आपदा प्रबंधन एवं राहत कार्य

  • बाढ़, सूखा, ओलावृष्टि, अतिवृष्टि एवं अन्य प्राकृतिक आपदाओं से हुई क्षति का सर्वेक्षण।
  • फसल क्षति का आकलन एवं रिपोर्ट तैयार करना।
  • आपदा राहत वितरण हेतु पात्र व्यक्तियों का सत्यापन।
  • शासन को समयबद्ध क्षति रिपोर्ट उपलब्ध कराना।

5. किसान एवं कृषि संबंधी कार्य

  • प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना हेतु सत्यापन।
  • किसान रजिस्ट्री (Farmer Registry) एवं एग्री-स्टैक (Agri Stack) कार्यक्रम का क्रियान्वयन।
  • फसल सर्वेक्षण एवं गिरदावरी कार्य।
  • कृषि गणना एवं कृषि संबंधी आंकड़ों का संकलन।
  • कृषकों के भूमि संबंधी प्रमाणपत्रों के सत्यापन में सहयोग।

6. शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का क्रियान्वयन

  • विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों का सत्यापन।
  • सामाजिक एवं आर्थिक सर्वेक्षण कार्य।
  • शासन द्वारा संचालित विशेष अभियानों में सहभागिता।
  • पात्रता संबंधी आख्या एवं रिपोर्ट प्रस्तुत करना।

7. कानून एवं व्यवस्था संबंधी कार्य

  • ग्राम स्तर पर शांति एवं कानून व्यवस्था बनाए रखने हेतु प्रशासन को सहयोग।
  • संवेदनशील घटनाओं एवं विवादों की सूचना उपलब्ध कराना।
  • चुनाव, त्योहारों एवं विशेष अवसरों पर प्रशासनिक सहयोग प्रदान करना।
  • न्यायालय एवं प्रशासनिक अधिकारियों को तथ्यात्मक आख्या प्रस्तुत करना।

8. निर्वाचन संबंधी कार्य

  • मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्य में सहयोग।
  • निर्वाचन ड्यूटी का निर्वहन।
  • मतदान केन्द्रों के सत्यापन एवं निरीक्षण में सहभागिता।

9. जनगणना एवं सर्वेक्षण कार्य

  • जनगणना कार्य में सहयोग।
  • सामाजिक-आर्थिक सर्वेक्षण।
  • परिवार पहचान एवं अन्य सरकारी सर्वेक्षण कार्यक्रमों का संचालन।
  • जनसंख्या एवं संसाधनों संबंधी आंकड़ों का संकलन।

10. जनशिकायत एवं प्रशासनिक कार्य

  • सम्पूर्ण समाधान दिवस एवं जनसुनवाई से संबंधित प्रकरणों में आख्या प्रस्तुत करना।
  • IGRS एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाइन से प्राप्त शिकायतों के निस्तारण हेतु रिपोर्ट तैयार करना।
  • उच्चाधिकारियों के निरीक्षण हेतु आवश्यक सूचनाएं उपलब्ध कराना।

11. प्रमाण-पत्र एवं सत्यापन कार्य

  • निवास, आय, जाति एवं अन्य प्रमाण-पत्रों के सत्यापन में सहयोग।
  • विभिन्न विभागों द्वारा मांगे गए स्थलीय सत्यापन कार्य।
  • न्यायालयों एवं अन्य शासकीय संस्थाओं को तथ्यात्मक रिपोर्ट उपलब्ध कराना।

12. डिजिटल एवं तकनीकी कार्य

  • डिजिटल भू-अभिलेखों का अद्यतन।
  • ऑनलाइन राजस्व सेवाओं के संचालन में सहयोग।
  • भूलेख, राजस्व परिषद एवं अन्य विभागीय पोर्टलों पर डाटा प्रविष्टि एवं सत्यापन।
  • ई-गवर्नेंस कार्यक्रमों का ग्राम स्तर पर क्रियान्वयन।

13. अन्य महत्वपूर्ण कार्य

  • ग्राम समाज की भूमि एवं सार्वजनिक संपत्तियों की निगरानी।
  • अतिक्रमण संबंधी रिपोर्ट तैयार करना।
  • शासन एवं जिला प्रशासन द्वारा सौंपे गए विशेष कार्यों का निष्पादन।
  • ग्रामीण विकास एवं प्रशासनिक अभियानों में सहभागिता।

 

 

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